Badi Mushkil Se Biwi Ko Teyar Kiya – Part 14

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iloveall 2017-02-14 Comments

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अनिल ने भी मेरी बीबी से काफी सेक्सुअल शरारतें कर के अपनी और आकर्षित करनेकी कोशिश की। फिर उस रात उसे थोड़ी शराब पिलाकर तनाव मुक्त किया। मैंने उसे स्त्री जाती कमजोर होने के नाम पर चुनौती देकर बहकाया। अनिल ने नौकरी खोने की हृदयभेदक झूठी कहानी सुनाकर मेरी बीबी को भावुकता में डुबो दिया। और तब आखिर में मैंने मौका देख कर उसे मेरे दोस्त को अपने स्त्रीत्व द्वारा सांत्वना देने (अर्थात अनिल को बाहों में लेना, चुम्बन, शारीरिक संग करने देना और करना इत्यादि) के लिए बाध्य किया।

फिर क्या था? हम दोनों उसे छोड़ते थोड़े ही? जैसे ही मेरी पत्नी उस होली की रात को अपनी नैतिकता में थोड़ा सा समझौता कर बैठी की हम दोनों ने उसे अपने जाल में फांस ही लिया। मेरी बीबी को भी थोड़ा बहुत अंदेशा तो था ही की हम दोनों मर्द मिलकर उसको एक साथ थ्री सम सेक्स में शामिल करने के लिए बहुत इच्छुक थे। मैंने तो मेरी बीबी को साफ़ साफ़ मेरी ऐसी इच्छा थी ऐसा बता ही दिया था। पर वह ज़रा भी टस की मस नहीं हो रही थी। इसीलिए हमें यह सब करना पड़ा। आखिर में हमें पता लगा की वह भी अपने ह्रदय के एक गहरे छुपे हुए अँधेरे कोने में अनिल के बारेमें एक तरह की ललक अनुभव कर रही थी। अनिल का व्यक्तित्व उसे एक उत्तेजना देता था। अनिल के बारेंमें बात करने मात्र से ही वह अपने अंदर ही अंदर उत्तेजित हो जाती थी। पर वह स्वयं भी इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थी। हमें उसे तैयार करना था।

अनिल के व्यक्तित्व ने मेरी पत्नी को काफी प्रभावित किया था। परंतु जैसे की हिंदुस्तानी महिलाएं शादी शुदा स्त्री मर्यादा के कारण अपनी इच्छा प्रकट नहीं कर पाती, वैसे ही नीना ने भी अनिल के प्रति जो थोड़ा आकर्षण था, उसे अपने ह्रदय के कोई कोनेमें गाड़ दिया था। यहाँ तक की मेरी पत्नी यह मानने से भी मना करती थी की वह अनिल के प्रति कामुक भाव से आकर्षित थी। मैं उसी आकर्षण को उस अंधकूप से बाहर निकालकर अपनी पत्नी के सामने प्रकट करना चाहता था।

खैर, जब एकबार मर्यादा का बाँध टूट गया तब मेरी बीबी मेरे और अनिल के द्वारा रातके एक बजेसे सुबह के चार बजे तक काम क्रीड़ा का आनंद लेती रही; या यूँ कहिये की वह हम दोनों मर्दों से चुदती रही और हम दोनों मर्दों को चोदती रही। उस रात की सुबह चार बजे जब हम दोनों मर्दों ने दो बार अपना वीर्य मेरी बीबी के मुंह, बदन पर और चूत में उंडेल दिया और मेरी पत्नी उस रात शायद छह बार झड़ गयी तब हम मर्दों ने अपने हथियार डाल दिए। नीना तो तब भी तैयार थी। उसका जूनून देखने लायक था।

खैर, उस के बाद नीना ने कहा वह नहाना चाहती है। तब अनिल ने और मैंने मिलकर हमारी नायिका, मेरी पत्नी को उसके मना करने पर भी जबरन अपनी बाहों में उठाया और उसे बाथरूम में ले गए। नीना उस रात की महारानी थी और हम दोनों उसके गुलाम।

उस रात नीना शायद अपने वयस्क जीवन में पहली बार खुद नहीं नहायी। अनिल ने और मैंने मेरी बीबी को बड़े प्यार से नहलाया। नहलाते हुए भी अनिल मेरी पत्नी के मम्मों को और उसके चूतड़ के गालोँ को बार बार अपनी हथेलियों में सहलाने और भींचने में लगा रहता था। यह सब देखकर मेरी उत्तेजना की कोई सिमा नहीं थी। नीना उस रात को अपनी इतनी अति विशिष्ट सेवा का मजा ले रही थी। शादी के बाद उसको एक मात्र मर्द से सेवा मिलती थी। उस रात उसकी आज्ञा पालन और सेवा करने के लिए दो मर्द उत्सुक थे।

मैं उस रात काफी थक गया था। जैसे ही हम नहा कर बाहर निकले और हमने अपने अपने रात्रि के सूट और गाउन इत्यादि पहने, की हम सब एक साथ धड़ाम से बिस्तरे में जा गिरे। उस समय अनिल ने मेरी पत्नी को बाँहों में लिया और उसे चुम्बन करने लगा। उसने अपनी प्रेमिका एवं मेरी बीबी को बताया की पिछली रात में जब पहली बार नीना ने वह गाउन पहना था तब नीना उस नाइट गाउन में करीब करीब नग्न ही दिख रही थी। नीना ने जब यह सूना तो वह आयने के सामने जा खड़ी हुई। उसने स्वयं अपनी नग्नता को जब देखा तब वह लाज से अनिल से चिपक गयी और उसे उसकी छाती पर अपने दोनों हाथों से पीटते हुए बोली, “तुम दोनों ने मुझे आज खूब उल्लू बनाया। मैं भी गधी थी जो तुम्हारी बातोँ मेँ आ गयी।” अनिल और मैं नीना को देख मुस्कुरा रहे थे।

जाहिर है की उस रात नीना हम दोनों के बिच में सोई हुई थी। मैंने देखा की मेरी पत्नी कुछ सोच में पड़ी जाग रही थी। पलंग में गिरने के साथ ही मैं तो लुढ़क गया। अनिल भी सो गया। नीना मेरे सामने मेरे चेहरे से चेहरा मिलाकर लेटी हुई थी। उसके कूल्हे अनिल के और थे। थोड़ी मिनटों मैं ही अनिल ने खर्राटे मारना शुरू कर दिया। गहरी नींद में भी अनिल ने नीना के पीछे से नीना को अपनी दोनों बाहोँ के बाहु पाश में जकड रखा था। मुझे ऐसे लगा जैसे अनिल ने मेरी बीबी के स्तनों पर अपना अधिकार जमा लिया था। नींद में भी अनिल की दोनों हथेलियां नीनाके मद मस्त और लाल स्तनों को सहला और दबा रही थीं। उस अवस्था में भी अनिल का लण्ड कड़क था और शायद मेरी बीबी की गांड में गाउन के ऊपर से घुसने की चेष्टा में लगा हुआ लग रहा था।

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