Mosa Ji Ki Tanhai Dur Ki – Part 1

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Arashdeep Kaur 2017-01-16 Comments

Hindi Sex Story

हैलो दोस्तो, अर्शदीप कौर उर्फ चुद्दकड़ अर्श फिर से आपके सामने है अपनी नई कहानी के साथ और सब पाठकों को मेरा सलाम। मेरे सभी चाहनेवालों के लंडों से अपनी चूत चुदवाते हुए मेरा बहुत बहुत प्यार। मैंने पिछली कहानी ” मौसेरे भाई के कुंवारे लंड का मजा” में बताया कि कैसे रणबीर के लंबे लंड ने मेरी चुदाई की आग बुझाई। अब वो अपनी बड़ी बहन के घर चला गया और मौसा जी घर आ गए।

मौसा जी का नाम जीवन है और आयु 50 साल है। उनका रंग गोरा और और कद 5 फीट 9 इंच है। मौसा जी के ज्यादातर बाल सफेद हैं लेकिन वो हेयर कलर लगा के काला रखते हैं और चेहरा क्लीन शेव है। मौसा जी अपने जिस्म को फिट रखने केलिए कसरत करते हैं और उनका जिस्म जवानों जैसा है। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है..

जिस दिन मौसा जी ने आना था, उस दिन मुझे मौसी जी का फोन आया कि मौसा जी मुझे बस स्टॉप आकर फोन करेंगे और मैं उनको स्कूटी पर घर ले जाऊं। मौसी जी ने मुझे हिदायत भी दी कि जब मौसा जी शाम को शराब पीने लगें तो मैं उनको ज्यादा न पीने दूं। लेकिन उनको क्या मालूम था जिसे वो रोकने को बोल रहे हैं वो खुद उनके पति के साथ बैठ कर शराब का मजा लेगी और शबाब का मजा देगी।

शाम को 6 बजे मौसा जी का फोन आया और मैं उनको लेने बस स्टॉप चली गई। मैंने नीली जींस के साथ सफेद टॉप पहना हुआ था। मौसा जी मेरे पीछे बैठ गए और मैं स्कूटी चलाने लगी। मैं बीच बीच में जोर से ब्रेक लगा देती ताकि मौसा जी मुझ से सट जाएं। मैं मौसा जी को गर्म करना चाहती थी और चुदना भी। क्योंकि एक बार मैंने मौसा जी को अपनी बड़ी बेटी को चोदते देखा था।

मौसा जी ने उसकी बहुत मस्त चुदाई की थी और लंड भी काफी तगड़ा, मोटा और लंबा है। उस दिन से मैं मौसा जी से चुदने केलिए बेकरार थी लेकिन मुझे मौका नहीं मिला था और आज इस मौके को गंवाना नहीं चाहती थी। मुझे यह भी पता था कि मौसा जी बहुत चोदू किस्म के आदमी हैं। मुझ में उनकी बहुत दिलचस्पी थी। जब भी मैं उनके सामने होती तो वो अपनी ठर्की नज़रों से मेरे सेक्सी बदन को घूरते रहते।

वो मेरे जिस्म का ऐसे जायज़ा लेते जैसे उनकी आंखों में एक्स रे लगा हो और मेरा बदन कपडो़ं के नीचे से दिखाई देता हो। वो बहुत बार अनजान बन कर मेरे बड़े-बड़े बूब्ज़ और गांड को भी छू लेते। उनका स्पर्श इतना सेक्सी होता था कि उनके छूने मात्र से ही मैं गर्म हो जाती थी।

वैसे तो रणबीर ने मेरी बहुत अच्छी चुदाई की थी लेकिन फिर भी मौसा जी के लंबे मोटे लंड के बारे में सोच कर मेरे अंदर चुदाई की आग भड़कने लगी। चुदाई की आग होती ही ऐसी है कि लंड का ख्याल आते ही चूत को जलाने लगती है और वही मेरे साथ हो रहा था। रणबीर ने मेरी चुदाई की आग बहुत अच्छी तरह शांत की थी लेकिन मौसा जी को देखकर फिर से भड़क उठी। मेरे दिल में बेटे के बाद उसके बाप से चुदने का रोमांच आने लगा।

हम घर आ गए और मौसा जी अपने रूम में सामान रखने चले गए। मैं पानी लेकर उनके रूम में चली गई और मौसा जी ने पानी पिया और मेरे बदन का अपनी नज़रों से जायज़ा लिया। मेरा ध्यान उनके लंड पर था जो मौसा जी की पैंट में धीरे-धीरे खड़ा होकर उभार बना रहा था। मैं खाली गिलास लेकर किचन में आ गई और चाय बनाने केलिए गैस पर पानी चढ़ा दिया।

पीछे से मौसा जी आ गए और मुझे चाय न बनाने केलिए कह कर बाईक लेकर बाहर चले गए। मुझे मालूम था कि मौसा जी शराब लेने गए हैं। मौसा जी ने मुझे खाना न बनाने को भी कहा क्योंकि वो होटेल से खाना लेकर आएंगे। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है..

करीब साढ़े सात बजे मौसा जी घर आ गए। उन्होंने मुझे खाना पकड़ा कर शराब की बोतल लेकर अपने रूम में चले गए। मौसा जी ने मुझे आॅमलेट बनाने को कहा और मैं आॅमलेट उनके रूम में ले गई। मौसा जी तब तक थोड़ी शराब पी चुके थे और मुझे अपने पास बैठकर आॅमलेट खाने को कहा। मैंने मौसा जी से कहा आॅमलेट कम पडे़गा तो पांच मिनट में और बना कर लाती हूं।

मैं मौसा जी के रूम से निकल कर अपने रूम में आ गई। मैंने सफेद हॉफ टॉप और लाल शार्ट स्कर्ट पहन ली और नीचे से लाल ब्रा और पैंटी पहनी। ये ड्रेस मुझे मेरे एक चोदू यार ने गिफ्ट की थी और मैं इस ड्रेस में किसी पोर्न स्टार से कम नहीं लगती थी।

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