Mosa Ji Ki Tanhai Dur Ki – Part 1

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Arashdeep Kaur 2017-01-16 Comments

मौसा जी ने मुझे थोड़ा पीछे किया और मेरा टॉप खींच कर निकाल दिया। मैं ब्रा पहने हुए उनकी गोद में बैठी थी और मौसा जी ब्रा के ऊपर से मेरे बड़े-बड़े बूब्ज़ दबाने लगे। मौसा जी ने मेरे कानों, गालों एवं गर्दन को चूसते काटते हुए मेरी ब्रा की हुक खोलकर मेरे बड़े-बड़े गोल बूब्ज़ को ब्रा की कैद से आजाद कर दिया।

मेरे बूब्ज़ मौसा जी की आंखों के सामने लहराने लगे और में कंधों को हिला कर अपने बूब्ज़ को छलकाने लगी। मौसा जी ने लपक कर मेरे छलकते हुए नंगे बूब्ज़ को अपने हाथों में थाम लिया और दबाने लगे। मौसा जी मेरे हल्के भूरे निप्पलों को पकड़ कर जोर से खींच कर छोड़ देते और मेरे बूब्ज़ हिलने लगते। मेरे हिलते हुए बूब्ज़ देखकर मौसा जी को बहुत आनंद आ रहा था।

मौसा जी ने मुझे खड़ी कर दिया और खुद कुर्सी पर बैठे-बैठे मेरी स्कर्ट और पैंटी खींच कर निकाल दी। उन्होंने मेरी कमर में हाथ डालकर अपनी तरफ खींच लिया और मेरी भरी हुई जांघों को सहलाने लगे। मेरी नज़र मौसा जी की लोअर पर गई, उनके लंड ने खड़ा होकर तंबू बना लिया था और ऐसा लग रहा था कि उनका लंड लोअर को फाड़कर बाहर निकल आएगा।

मौसा जी ने सीधे होकर मेरे एक बूब को हाथ से दबाना चालू किया और दूसरे बूब को मुंह में लेकर चूसने लगे। मौसा का दूसरा हाथ मेरी गांड के ऊपर अठखेलियां करने लगा। मौसा जी बहुत जोर जोर से मेरे बूब्ज़ को चूसने लगे और उतनी ही जोर से मेरे चूतड़ दबाने लगे।

मैं आंखें बंद करके इन सेक्सी पलों का आनंद ले रही थी और मौसा जी का सिर पकड़ कर अपने बूब्ज़ पर दबा रही थी। जितनी बेरहमी से मौसा जी मेरे बूब्ज़ को चूसते और काटते उतना ही मुझे ज्यादा मजा आता। उनके जोश से एक बात समझ गई थी कि मौसा जी बेरहमी से चुदाई करेंगे जो मुझे बहुत पसंद है।

मौसा जी मेरे बूब्ज़ को चूसना छोड़ कर मेरे नाजुक पेट को चूमने लगे। मौसा जी ने इतनी जोर से मेरे बूब्ज़ को चूसा और रगडा़ कि मेरे बूब्ज़ लाल हो गए और मेरे बूब्ज़ से गर्म गर्म सेक निकलने लगा।

उनके मुझे ऐसे मसलने में मुझे बहुत अच्छा लगा और उनका ये स्टाईल भी बहुत सेक्सी लगा। मौसा जी मेरे मुलायम एवं चिकने पेट को जीभ से चाटने लगे औल मुंह में भरकर खींच कर छोड़ देते। मौसा जी मेरी गहरी नाभि में जीभ घुसाकर चूसने लगे और जब वो मेरी नाभि में जीभ घुसाते तो मेरे बदन के रोम रोम में बिजली रेंगने लगती। मौसा जी मेरे नाजुक पेट को दांतों से कुरेदते हुए मेरी मस्त जांघों पर चुटकी काटने लगे और मैं मस्ती के सागर में डूबने लगी।

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार निचे कोममेंट सेक्शन में जरुर लिखे.. ताकि देसी कहानी पर कहानियों का ये दोर आपके लिए यूँ ही चलता रहे।

मौसा जी ने मुझे बैॅड पर उलटा लेटा दिया और नीचे बैठ कर मेरी टांगें खोलकर चूत के पास मुंह किया। वो मेरी जांघों को जोर से पकड़ कर धीरे-धीरे खड़े हो गए। मैं उनसे लिपटी हुई उलटी लटक गई और मौसा जी ने मेरी पतली कमर से कस कर पकड़ लिया।

मेरी चूत मौसा जी के होंठों के पास थी और मेरे होंठों को पास मौसा जी का लंबा मोटा मूसल जैसा लंड फुंकारें मार रहा था। मैंने लपककर मौसा जी के लंड के सुपाडे़ से चमडी़ को पीछे किया और लाल टोपे पर जीभ घुमाने लगी।

मौसा जी मेरी चूत के दाने को अपनी जीभ से रगड़ने लगे और मेरी चूत में जीभ घुसा दी। मैंने मुंह खोलकर मौसा जी का लंबा मोटा लंड मुंह में ले लिया और सिर को आगे-पीछे कर के लंड को मुंह में भरकर चूसने लगी। मौसा जी मेरी चूत में जीभ हिला हिला कर चाटने लगे और मैं उनका लंड गले में उतार कर चूसने लगी।

बाकी कहानी अगले पार्ट में और मेरी मेल आई डी है “[email protected]”. hindi sex story

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