Badi Mushkil Se Biwi Ko Teyar Kiya – Part 5

Click to this video!
iloveall 2016-08-27 Comments

This story is part of a series:

मैंने उसे मेरी टांगो के बिच से उठाकर अपने सीने से लगाया और बोला, “डार्लिंग, मैं तुम्हे इतना चाहता हूँ की जिसकी कोई सिमा नहीं। मैं तुम्हें जीवन के सब सुख अनुभव करवाना चाहता हूँ। एक मर्द जीवन में कई औरतों को चोदता है। मैंने भी तुम्हारे अलावा कुछ लड़कियों को और औरतों को शादी से पहले चोदा है..

अगर तुम मुझसे इतना प्यार नहीं करती तो मैं शादी के बाद भी किसी न किसी औरत को चोदता होता। मैं तुम्हें भी ऐसे आनंद का अनुभव करवाना चाहता हूँ। अपनी पत्नी या अपने पति के अलावा और किसीको चोदने में या और किसीसे चुदवाने में कुछ अनोखा ही आनंद आता है। यह मैं जानता हूँ। वही आनंद मैं चाहता हूँ की तुम अनुभव करो।“

मुझे तब ऐसा लगा जैसे मेरी बात सुनकर नीना कुछ रिसिया गयी। वह मेरा हाथ छुड़ा कर बोली, “जानू, मैं सच बोलती हूँ। मुझे मात्र तुमसे ही सेक्स का आनंद लेनाहै। मैं तुम से बहुत ही खुश हूँ। पर लगता है तुम मुझ से खुश नहीं हो इसीलिए ऐसा सोचते हो। मैंने तुम्हें पूरी छूट दे रखी है। जहां चाहे जाओ, जिस किसीको चोदना है चोदो। मैं तुम्हे नहीं रोकूंगी।”

फिर मैंने नीना की चिबुक पकड़ कर कहा, “मेरी प्यारी डार्लिंग मेरी कसम है यदि तू ज़रा सा भी झूठ बोली तो। सच सच बताना, अनिल ने जब तुझे बाँहों में लेकर डांस किया था और जब तुम अनिल के ऊपर धड़ाम से गिरी और उस समय जब अनिल ने तुम्हे बाहों में लिया और तुम्हारे बूब्स दबाये तो क्या तुम उत्तेजित नहीं हुयी थी? आज सिर्फ सच बोलना।”

नीना जैसे सहम गयी। उसने कभी सोचा भी नहीं था की इस तरह कभी उसे भी कटहरे में खड़ा होना पड़ेगा। उसके गाल शर्म के मारे लाल हो गये। थोड़ी देर सोच कर वह बोली, “हां यह सच है। मैं झूठ नहीं बोलूंगी। उसे छू कर मेरे जिस्म में रोमांच सा हो रहा था। पर मैंने कभी भी उसके या किसी और के बारे में ऐसा वैसा नहीं सोचा। एक बात और भी है..

शादी का बंधन एक नाजुक धागे से बंधा हुआ है। कभी कभी उसे ज्यादा खींचने से वह धागा टूट सकता है। ऐसे पर पुरुष सम्बन्ध का मतलब उस धागे को ज्यादा खींचना। एक बात और। अपनी पत्नी को पर पुरुष से जातीय सम्बन्ध के लिए उकसाना खतरनाक भी हो सकता है। हो सकता है मुझे दुसरेसे चुदवाने में मझा आने लगे और मैं बार बार दूसरे मर्द से चुदवाना चहुँ तो?”

बातों बातों में मेरी सीधी सादी पत्नी ने मुझे वैवाहिक सम्बन्ध की वह बात कह डाली जो एक सटीक खतरे की और इंगित करती थी। मेरी बीबी ने मुझसे अनिल का नाम लिए बगैर यह भी कह दिया की एक बार चुदने के बाद हो सकता है वह अनिल से बार बार चुदवाना चाहे..

तब फिर मुझे इसकी इजाज़त देनी होगी। पर मैंने इस बारे में काफी सोच रखा था और मेरी पत्नी के लिए मेरे पास भी सटीक जवाब था। हालांकि मेरी पत्नी की बातों से मुझे एक बात साफ़ नजर आयी की पिछले कुछ दिनों में नीना और अनिल के थोड़े करीब आने से मेरी पत्नी का अनिल के प्रति जो भय अथवा वैमनस्य था, वह नहीं रहा था। मुझे अब हमारा रास्ता साफ़ नजर आ रहाथा।

तब मैंने कहा, ” डार्लिंग, मुझे एक बात बताओ, मानलो आज दिन में अनिल ने तुम्हे यदि चोद दिया होता, तो क्या तुम मुझे छोड़ देती? या क्या मैं तुम्हें छोड़ देता? मैं तुम्हें यह कहना चाहता हूँ की सेक्स और प्रेम में बहुत अन्तर है। आज हम पति पत्नी मात्र इस लिए नहीं हैं क्योंकि हम एक दूसरे से सेक्स करते हैं..

बल्कि हम पति पत्नी इस लिए भी हैं क्योंकि हम न सिर्फ एक दूसरे से प्यार एवं सेक्स करते हैं पर एक दूसरे की जिम्मेदारियां, खूबियाँ और कमियां हम मिलकर शेयर करते हैं और उसका फायदा या नुक्सान हम क़बूल करते हैं। यदि हम अपने इस बंधन से वाकिफ हैं तो ऐसी कोई बात नहीं जो हमें जुदा कर सके। मैं तो एक जातीय अनुभव करने के मात्र के लिए ही कह रहा हूँ।” नीना कुछ न बोली और चुपचाप मुझे देखने लगी।

उस रात को नीना बहुत खिली हुई लग रही थी। मैंने मेरी पत्नीको इतनी बार झड़ते हुए कभी नहीं देखा। शायद वह हमारी बातों को याद करके अपने ही तरंगों में खोयी हुई थी।

मेरी ज़िन्दगी में बहार सी आ गयीथी। अब मैं पहले से कई गुना खुश था। दूसरी और अनिल भी अपने सपनों में था। उस दिन जब रसोई में वह नीना के इतने करीब आ पाया था, यह सोचने से ही उत्तेजित हो रहा था। पहले उसने जब नीना को देखा था तो वह उसे एक मात्र सपनों में आनेवाली नायिका के सामान लग रही थी।

वह नायिका जो मात्र सपनों में आती है और जिसके छूने कि कल्पना मात्र करने से पुरे बदन में एक सिहरन सी दौड़ जाती है। वह वास्तव में भी कभी इतने करीब आएगी यह सोचने से ही उसके बदन में एक आग सी फ़ैली जा रही थी।

Comments

Scroll To Top