Meri Chudakkad Banne Ki Dastan – Part 1

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Arashdeep Kaur 2017-07-09 Comments

उनका बैॅडरूम किसी आलीशान होटल के स्वीट रूम से भी सुंदर और बड़ा था। मैं उनके बैॅडरूम को देखती ही रह गई। सर बोले कहां खो गई अर्श तो मैंने कहा आपका बैॅडरूम देख रही हूं। सर ने कहा मेरा नहीं हमारा बैॅडरूम बोलो। मैं हंस दी और टेबल पर देखा उस पर बहुत महंगी शराब, सिगरेट का पैकेट और लाईटर पडे़ थे। मैंने ऐक सिगरेट निकाल कर जला ली और खडे़ खडे़ कश लगाने लगी। सर ने कहा अकेले ही सिगरेट पीओगी क्या।

मैंने सिगरेट सर की तरफ कर दी लेकिन सर ने कहा अपने हाथ से रोज पीता हूं आज तुम अपने हाथ से पिला दो। मैंने सर के होंठों के बीच सिगरेट लगा दी और सर ने कश खींच लिया। सर ने मेरे टॉप के गले को हाथ से खींच लिया और धुंआ मेरे बूब्ज़ की दरार में छोड़ दिया। फिर मैंने कश लगाया और सर की गर्दन के पास अपने होंठ कर के गर्म सांसों के साथ धुंआ छोड़ दिया। ऐसे मस्ती करते-करते हम सिगरेट खत्म कर गए।

सर सोफे पर बैठ गए और मुझे बैठने को कहा। मैं सोफे पर बैठ गई, सोफा बहुत नर्म था मैं उसके बीच धंसते चली गई। इतना नर्म सोफा मैंने कभी देखा तो क्या सोचा भी नहीं था। मैंने दो गिलास में शराब डाल ली लेकिन मुझे कहीं पानी दिखाई नहीं दिया। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

मैंने सर से कहा आप नीट पीते हो क्या। सर ने कहा नहीं तुम बताओ किस के साथ लेना पसंद करोगी पानी के साथ, सोडे के साथ या बीयर के साथ। मैंने आज तक सिर्फ पानी के साथ शराब पी थी और मैंने नया ट्राई करने का सोचा। मुझे लगा अगर बीयर के साथ ली तो नशा ज्यादा हो सकता है तो मैंने सोडे के साथ कह दिया। सर ने टेबल के नीचे से सोडे की बोतल और नमकीन काजू निकाल लिए। मैंने शराब में सोडा मिलाकर गिलास उठाकर सर को दे दिया और एक खुद उठा लिया।

हमने चीयर्स किया और एक दूसरे के होंठों को शराब के गिलास लगा दिए। हम एक दूसरे की आंखों में सेक्सी नज़र से देखते हुए गिलास खाली कर दिए। सर ने काजू उठाकर अपने हाथ से मुझे खिलाया और फिर मैंने अपने हाथ से सर को काजू खिलाया। मैंने सर की शर्ट के बटन खोल दिए और सर ने अपनी शर्ट निकाल दी। सर ने मुझे बांहें ऊपर करने को कहा और मेरा टॉप खींच कर निकाल दिया। सर ने मुझे खडी़ किया और मेरी जींस भी निकाल दी।

अब मैं सर के सामने ब्रा एवं पैंटी में खडी़ थी। सर ने मेरी कमर में हाथ डालकर अपने होंठ मेरे गोरे, नाजुक, चिकने एवं मुलायम पेट पर रख दिए। अपने पेट पर सर के नाजुक होंठों का स्पर्श पाते ही मैं चिहुंक पडी़। सर मेरे पेट को चूमने और जीभ से चाटने लगे और मैं सर के मुंह को अपने पेट पर दबाते हुए मचलने लगी। मेरे मुंह से अपने-आप कामुक आवाज़ें निकलने लगीं और मैं अपने हाथ से सर की पीठ सहलाने लगी। सर मेरे पेट को चूमते हुए मेरे चूतड़ दबाने लगे।

मैंने सर को खडा़ कर लिया और अपने होंठ सर के होंठों पर रख दिए और पैंट के ऊपर से सर का लंड पकड़ लिया। सर ने मेरे होंठ चूमते हुए अपनी पैंट एवं अंडरवियर निकाल दिए और अब मेरे हाथ में सर का नंगा तना हुआ गर्म लंड था। मैं सर के होंठ चूमते हुए सर का लंड हिलाने लगी और सर ने मेरे ब्रा की हुक खोल दी। सर ने मुझे पीछे किया और अपनी पैरों में अटकी हुई पैंट निकाल दी। तब तक मैंने भी अपनी ब्रा और पैंटी निकाल कर साईड पर रख दी।

अब हम दोनों एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे खडे़ थे। मैंने सर को बैॅड पर लेटा लिया और खुद उनके ऊपर लेट गई। मेरे बूब्ज़ सर की छाती में गढ़ गए और मेरा मुलायम पेट उनके पेट से सट गया। मैं सर की गर्दन को चूमने लगी और बीच-बीच में अपने नर्म नर्म बूब्ज़ सर की सख्त छाती पर मसल देती। सर ने मुझे अपने बांहों में जकड़ लिया और मेरा कान होंठों में लेकर चूसने लगे। हम कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे के कानों, गालों, गर्दन और होंठों का रसपान करते रहे। फिर मैंने थोडा़ ऊपर उठी और बारी बारी से सर की छाती के निप्पलों को जीभ से चाटते हुए मुंह में भर कर चूमने लगी।

सर मेरे सिर को अपनी छाती पर दबाते हुए आंहें भर रहे थे। तभी सर ने मेरी कमर पकड़कर अपना लंड मेरी चूत पर सैट कर लिया। मैं सर की छाती को चूम एवं चाट रही थी और सर अपनी कमर हिला कर मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगे। उनकी इस हरकत से मुझे बहुत अच्छा लगने लगा और मेरी चूत गीली हो गई। मैं सर के होंठ फिर से चूमने लगी और अपनी गांड हिला कर चूत लंड पर रगड़ने लगी। मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और मेरे मुंह से कामुक आवाज़ें फिर से निकलने लगीं।

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