Meri Surprise Suhagraat

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beautyrupa321 2016-10-08 Comments

Sex Stories In Hindi

मैं रूपा उम्र ३२ साल की खुबसूरत हाउसवाइफ हूँ मेरे नैन नक्स और मेरी सुन्दर काया सभी को मेरी ओर आकर्षित करते हैं मेरे बॉडी की साइज़ ३४”२८”३४” है बूब्स और हिप्स इतने अच्छे हैं की पास पडोसी और पति के दोस्त देखते रह जाते हैं।

सामान्यतया मैं घर में साडी पहनती हूँ और बाहर जाते समय साडी या सूट पहनती हूँ मैंने महशुश किया है की साडी से मेरा बदन ज्यादा दीखता है।

लोगों की भूखी निगाहें मेरे बूब्स,नाभि और मेरे नितम्बों को देखते रहती हैं और मैं विचलित हो जाती हैं पर मैं सिर्फ अपने काम से काम रखती हूँ मैं नॉएडा में अपने पति और ३ साल के बच्चे के साथ रहती हूँ मेरे पति प्रतीक एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं और हम किराये पर रहते हैं।

सुनीता मकान मालिक की पत्नी है और उसके पति मेरे पति के ही एज के हैं पर सुनीता एक तेज तर्रार औरत है बाद में पता चला की बहुत सारे मर्दों के साथ उसके सम्बन्ध हैं वो एक बुटिक चलाती है उसके बुटिक में जो टेलर है यंग है और सुन्दर है।

सुनीता का उसके साथ भी सम्बन्ध है सुनीता ने मेरे पति पर भी डोरे डाले पर उन्होनें ज्यादा ध्यान नहीं दिया फिर भी सुनीता काफी हेल्पफुल थी और मेरे उससे अच्छे सम्बन्ध थे। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

सुनीता से मिलने उसके पति श्याम का एक दोस्त प्रवीन अक्सरहां घर आता था और अपने पति के गैरहाजिरी में वो उसके साथ समय गुजारती थी प्रवीन ३५ साल के एक स्मार्ट इंसान थे।

सुनीता मुझसे बहुत सारी बात शेयर किया करती थी कभी कभी वो अपने दोस्तों के साथ ऊपर हमारे पोर्शन में भी आ जाती थी और न चाहते हुए भी मुझे उनकी आवभगत करनी पड़ती थी उसके सारे फ्रेंड्स मुझे जानते थे और में इज्ज़त करते थे।

सुनीता बहुत कोशिश करती की मुझे भी अपने जैसा बना ले पर मैं उसके झांसे में नहीं आने वाली थी सुनीता बोलती की रूपा तुम आज के ज़माने की नहीं हो पति तो जॉब पर चले जाते हैं हम औरतों को भी अपनी जिंदगी जीने का हक़ है यदि मेरे कुछ दोस्त हैं तो बुरा क्या है मैं उन्हें अपने इशारे पर नचाती हूँ।

वो मेरा बहुत सारा काम कर देते हैं मुझे भी बॉय फ्रेंड मिल गए हैं बैठे बिठाये मेरा टाइम भी पास हो जाता है बुटिक भी तो घर में ही है वो कहती की तुम भी आया करो निचे तुम्हारा भी टाइम पास हो जायेगा मैंने कहा की नहीं मैं भी अपने में बिजी रहती हूँ और पढाई वैगेरह भी करते रहती हूँ वो और भी तरह तरह की बातें करती मैं भी उससे बातें करने में एन्जॉय करती थी एक दिन मुझे एक ब्लाउज और सलवार सूट सिलवाना था।

मैंने सुनीता से कहा तो उसने कहा की निचे बुटिक में आ जाओ मेरा टेलर विनोद तुम्हारा नाप ले लेगा और मुझे १.३० बजे बुलाया और कहा की उस समय कोई नहीं रहता है और आराम से आपका मेज़रमेंट नोट कर लेंगे ठीक डेढ़ बजे मैं निचे गयी वो मेरा ही वेट कर रही थी उसने कहा की विनोद इनका नाप ले लो विनोद ने कहा की भाभीजी को अपनी साडी उतारनी पड़ेगी तब बढ़िया से मेज़रमेंट लेंगे मैं तैयार नहीं हो रही थी।

पर सुनीता बोली क्यों शर्माती हो विनोद तो रोज कितनी औरतों का रोज नाप लेता है नाप ले कर साडी पहन लेना साडी खोलते ही मेरे वक्ष आधे खुले हो गए थे विनोद ने मेरे पुरे बॉडी का नाप लिया पर उसकी निगाहें मेरे बूब्स पर ही टिकीं थीं नाप लेने के दौरान उसने उन्हें छु भी दिया था।

साडी खुलते ही मेरे पेट भी नंगे हो गए थे और नाभि पूरी दिख रही थी और हिप्स का पूरा शेप दिख रहा था विनोद ने कहा की आप देखिएगा की कितनी सुन्दर फिटिंग आएगी मैंने कहा की ब्लाउज थोड़ी ढीली बनाना क्योंकि अभी वाली ब्लाउज थोड़ी टाइट हो गयी और बदन दीखता है।

विनोद ने कहा की ये तो स्टाइल है आज कल तो औरतें बोलती हैं की थोडा लो कट बनाना ताकि बॉडी दिखे आप की बॉडी अच्छी है तभी तो कोई देखेगा मैं उसकी बात शर्मा गयी तभी प्रवीन बुटिक में आ गया उसने मुझे देखा तो नमस्ते किया वो मुझे उस हालत में देखते रह गया मैं जाने लगी तो वो बोला की भाभी जी मुझे आपसे बात करनी है मैं बोली की मेरी साडी दुसरे कमरे में है मैं पहन कर आती हूँ।

पर सुनीता ने कहा रूपा क्या दिक्कत है फी पहन लेना प्रवीन से बात कर लो पहले प्रवीन ने मुझसे मेरे हुसबंद के बारे में पूछा वो मुझे किसी न किसी बहाने से रोक रखा था औ मी बदन को निहार रहा था उसकी आखें मेरे चुचियों और नंगे पेट से हट ही नहीं रहीं थी उसने कहा की भाभी जी आप काफी स्मार्ट हो।

सुनीता बोली की हाँ प्रवीन हमेशा तुम्हारी तारीफ़ करता है मैंने देखा की प्रवीन के पैन्ट में टेंट बन गया था मैं सिहर उठी और साडी बदलने चली गयी मैंने सुना की प्रवीन सुनीता से मेरे बदन की तारीफ़ कर रहा था।

सुनीता ने कहा की प्रवीन तुम तो उसे खा जाने वाली नजर से देख रहे थे प्रवीन बोला की वो चीज ही ऐसी है झूट मुठ का लंड खड़ा कर गयी मैंने सुना तो मुझे बहुत गुस्सा आया पर मन ही मन अपनी तारीफ़ से खुश भी थी मैं अपने रूम में चली आई पर विनोद की छुवन और प्रवीन के मेरे जिस्म को घूरने से मेरे तन बदन में आग लग गयी थी प्रवीन अब मेरे पास भी आता और किसी न किसी बहाने से बात करता मैं जानती थी की ये मेरे बदन को घूरने आता है।

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