Party Me Buddhon Ne Mera Band Bajaya



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Arashdeep Kaur 2017-01-28 Comments

Sex Stories In Hindi

हैलो दोस्तो, मैं अर्शदीप कौर उर्फ चुद्दकड़ अर्श फिर से अपनी चुदाई की कहानी लेकर आपकी कचहरी में हाजिर हुई हूं। सब को मेरी तरफ से चूत एवं गांड फैला कर और नंगे बूब्ज़ हिलाते हुए प्रणाम। मेरे चाहने वालों के लंड अपने मुंह, गांड एवं चूत में लेकर और बड़े-बड़े बूब्ज़ मसलाते हुए एवं लंबे मोटे लंडों पर अपनी मोटी गांड उछालते हुए ढेर सारा प्यार। ये कहानी नए साल की पार्टी में तीन बूढ़ों के द्वारा मेरा बैंड बजाने की है और मैंने अपने बज रहे बैंड की धुनों पर खूब डांस किया।

ये बात 2016 साल की आखरी रात की बात है। हम दोस्तों ने नए साल कई पार्टी होटल में मनाने की सोची। हम चार सहेलियों ने घर पर झूठ बोला कि किसी सहेली के घर जा रही हैं और वहीं पार्टी करेंगी। हम सब लड़कियां होटल में आ गईं।

हम घर से तो सिंपल कपड़े पहन कर आईं थीं लेकिन होटल में पहुंच कर हमने सेक्सी कपड़े पहन लिए। सब लोग हमें डांसर समझ रहे थे। मैंने नीली शार्ट स्कर्ट, टाईप गुलाबी टॉप, गुलाबी हाई हील के सैंडिल पहने हुए थे और नीचे से नीले रंग की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी। हम सब सहेलियों ने जम कर शराब पी और डांस फलोर पर डांस करने लगीं। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है..

तभी डीजे पर चिकनी चमेली गाना चलने लगा और हम सब सिगरेट फूंकते हुए गांड हिलाते हुए डांस करने लगीं। अचानक कुछ लड़के हमारे साथ डांस फलोर पर आ कर डांस करने लगे। एक एक सहेली के साथ तीन तीन चार चार लड़के डांस करने लगे और वो भी शराबी थे।

कुछ देर बाद वो लड़के हमारे बदन को छूकर डांस करने लगे। वो लड़के हमारे बूब्ज़ एवं गांड को छूते और अपने खड़े लंड हमारी गांड पर रगड़ जाते। कुछ देर बाद फलोर पर हमारे साथ चार लड़के रह गए। हमने एक एक लड़का चुन लिया और डांस करने लगीं। मेरी तीनों सहेलियां बारी बारी से अपने चुने हुए लड़के से चुदने केलिए निकल गईं।

लेकिन जिसके साथ मैं डांस कर रही थी वो चुतिया निकला और मुझे गर्म करके बिना चोदे होटल से निकल गया। मैं डांस करते-करते कोई लड़का देखने लगी जो मुझे चोद कर मेरी नए साल की पार्टी रंगीन कर सके लेकिन वहां सब मर्द अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड के साथ थे। वो मेरे बदन को निहार रहे थे लेकिन चोदने नहीं आ सकते थे। मुझे उस लड़के पर बहुत गुस्सा आ रहा था कि मुझे बिना चोदे चला गया और मैं उसको मन में गालियां दे रही थी।

मैं वहां से अपने बुक किए हुए कैबिन में आ गई और शराब पीने लगी। मुझे साथ वाले कैबिन से कुछ आवाजें सुनाई दीं। मैंने पतली सी लकड़ी की दीवार से कान लगाकर सुना। वो लोग किसी रंडी की बात कर रहे थे। वो लोग बोल रहे थे साली ने खड़े लंड पर डंडा मार दिया, साली ने बिल्कुल मौके पर बहाना बना दिया और अब किसी और का जुगाड़ भी नहीं होगा।

मुझे ये भी सुनाई दिया कि उन लोगों ने सेक्स की गोलियां खा रखी हैं और लंड बैठ नहीं रहा। तभी एक बोला कि अगर उसको चूत नहीं मिली तो उसका सिर फट जाएगा और सब ने हां में हां मिलाते हुए कहा बाकी का भी वही हाल है। एक ने किसी को फोन किया और बाकी से कहा ये भी किसी के साथ गई हुई है अब तो अपना हाथ जगन्नाथ।

मुझे मालूम हो गया कि वो लोग चुदाई की आग में जल रहे हैं और मुझे भी चुदाई की आग लगी हुई थी। मुझे यकीन हो गया कि अगर मैं उनके सामने चली गई तो वो लोग मुझे चोद ही देंगें। मैं अपने कैबिन से निकली और मोबाईल में देखते-देखते उनके कैबिन में घुस गई। कुछ आगे जाकर मैंने देखा, वहां 55-60 साल के तीन बूढ़े बैठे थे।

उन सब के बाल सफेद थे और क्लीन शेव थे। सब के सब थोडे़ मोटे थे। मुझे अचानक अपने कैबिन में देखकर वो मेरी तरफ सवालिया नज़रों से देखने लगे। मैंने अनजान बनते हुए कहा सॉरी अंकल मैं गलती से आ गई, मेरे दोस्तों ने बोला था ये कैबिन बुक किया है। शायद किसी और होटल में होगा और मेरा मोबाईल भी नहीं उठा रहे। मैं बाहर जाने लगी तो उनमें से एक बोला अब तुम क्या करोगी बेटी। मैंने जवाब दिया यहां देखती हूं नहीं तो घर चली जाऊंगी।

एक ने मुझे कहा ऐसे किसी कैबिन में मत जाना बेटी, क्या मालूम अंदर कौन होगा शर कोई गलत आदमी भी हो सकता है। एक ने मुझ से पूछा क्या मैंने खाना खा लिया और मैंने न बोल दिया। तीनों ने एक-दूसरे की तरफ देखा और कहा अगर तुम्हारे दोस्त नहीं मिल रहे तो यहां बैठ जाओ क्या मालूम कोई फोन कर ले। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है..

मैंने उनसे पूछा आपको कोई ऐतराज तो नहीं तो उन्होंने मुझे बैठने को बोला। मैं उनके साथ खाली कुर्सी पर बैठ गई। वो तीनों मुझसे बातें करने लगे और एक-दूसरे को देखकर स्माईल दे रहे थे। मैंने अपना सैंडिल ठीक करने के बहाने टेबल के नीचे से देखा सब अपना अपना लंड सहला रहे थे और मैं ठीक होकर बैठ गई।

एक बूढ़े ने मुझसे पूछा क्या वो मेरे सामने शराब और सिगरेट पी सकते हैं तो मैंने हां बोल दिया। सब ने गिलासों में शराब डाल ली और जब सिगरेट निकालने लगे तो उनका पैकिट खाली था। एक बोला बिना सिगरेट शराब का मजा नहीं आएगा और दूसरे को सिगरेट लाने को कहा।

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