Vidhwa Teacher Ki Chudai – Part 2

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Deep punjabi 2016-08-07 Comments

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]अब आगे की कहानी – इधर मेरे सास ससुर मुझे ही कोसते रहते और बोलते,” पहले नई नई आई अपना बच्चा खा गयी, अब अपने सुहाग को ही निगल गयी। कैसी डायन हमारे पल्ले पड़ गयी। दिन भर ऐसी सेंकडो दिल जलाने वाली बाते करते और् मैं चुप चाप सुनती रहती।

पहले मैडम के शादीशुदा होने पे झटका लगा था और अब उसके विधवा होने का सुनकर मैं सुन हो गया ।

वो लगातार बोलते ही जा रही थी,

मैंने सुसराल छोड़ दिया और मायके में जाकर रहने लगी, वहाँ किसी भली औरत के सम्पर्क में आई उसने मेरी यहाँ इस शहर में नौकरी लगवादी और एक कमरा जिसमें अब हम बैठे है, उसी भली औरत का है, उसने मेरी हालात देख कर फ्री में रहने को दिया है। अब अकेली रहती हूँ, जितना कमाती हूँ, सब अपना है, आगे कोई ख्वाहिश नही है।

अस्पताल में रोना इस लिए आ गया के डॉक्टर को नही पता था आप कौन हो उन्होंने आपको मेरा पति बना दिया। क्योंके मेरी तरह उन्हें भी आप मेरे पति लगे।

आपके बेटे यानि समीर में मुझे मेरा अबो्र्ट हुआ बच्चा और आपमें मेरा स्वर्गवास हुआ पति मनमीत दिखता है। इस लिए आप दोनो से इतना स्नेह है। वैसे तो क्लास में सेंकडो बच्चे है, पर समीर से ही इतना लगाव है। कभी कभी मुझे लगता है भगवान ने मुझे मेरा बच्चा समीर के रूप में खेलने के लिए वापिस दे दिया है।

सच पूछो तो उस दिन जब समीर बीमार पड़ा था। मैं बहुत घबरा गयी थी। पता नही क्यों लगा के मेरा अपना बच्चा ज्वर से तडप रहा है। इस लिए उसे इतना सम्भाल कर रखा, यदि आप आधा घण्टा और न आते तो मै उसे शायद डॉक्टर के पास भी ले जाती।

आपसे मोबाइल नम्बर लेना भी एक बहाना था, ताकि आपके सम्पर्क में रहूँ। इतने सालो से दबाई काम अग्नि, प्यार, ममता आप दोनों के साथ रहकर भड़क उठी है। मुझे नही पता मेरे लिए ये सही है या नही पर कहते है न अपनों के सामने दिल खाली कर लेना चाहिए।

आज सुबह आपने अपना सारा काम काज छोड़कर सारा दिन मेरे साथ बतीत किया है। इसी बात के लिए मेरी नज़रो में आपकी इज़्ज़त बहुत बढ गयी है।
आपको सुनकर चाहे बुरा लगे। मैं आपको दिल ही दिल में प्यार करने लगी हूँ। सोते जागते बस आपका ही ख्याल आ रहा है। आपके सुबह के स्पर्श ने मन में हलचल सी पैदा करदी है।

मैं उसके ख्यालो में इतना खो गया जे पता ही न चला उसने बोलना बन्द बी कर दिया है।

मेरी तरफ देखकर वो चुटकी बजाकर बोली,”

हैलो किधर खो गए जनाब ?

मैं — नही कही भी नही, सोच रहा हूँ ऐसा भगवान क्यों करता है अच्छे लोगो से धक्केबाज़ी।

वो — शयद आपसे और समीर से मिलाना था भगवान ने मुझे !

अब जो भी बोलो मुझे कोई फर्क नही पड़ता, पहले डरती थी के मेरी सचाई जानकर कही मुझसे किनारा न करलो आप। अब चले भी जाओगे तो थोडा दुख तो होगा पर आपसे प्यार करती हूँ न तो झूठ नही बोला गया आपसे। एक बात और आप तीसरे सक्क्ष हो जिनमे एक मैं खुद, दूसरी वोह भली औरत और आप जिसे मेरी कहानी पता है। नही तो स्कूल वाले भी नही जानते मेरी सचाई। वो अभी भी मुझे कुंवारी ही मानते है।

क्या मेरे साथ सेक्स करोगे आप दीप, उसकी इस बात पे मेरा मुह खुले का खुला रह गया।

क्योंके वो लड़की होकर इतना कर रही थी और मैं लड़का होकर भी शर्मा रहा था।

बोलो चुप क्यू हो, करोगे क्या ?

उसकी आँखों में एक बेनती, एक प्यास, एक समर्पण और भी बहुत सी भावनाये छलक रही थी।

मैंने उस समय के हालात को भगवान का ऐसा ही लिखा समझकर हाँ बोल दी। जिस से वह गले लग कर ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और लव यु सो मच दीप, आई कैंट नेवर लीव विदाट यू बार बार बोलकर मेरे चेहरे पे किस करने लगी। मैंनेे भी मी टू कहा और उसकी पीठ थपथपाकर चुप होने को बोला, चुप होजो पलीज़ आप जैसा बोलोगे वैसा करेगे, फिलहाल ठीक हो जाओ एक बार।

उसने रोना बन्द कर दिया इधर रात होने को थी। उसे दवाई देकर और लिप किस करके अपने घर आ गया।

रात को फोन पे बात भी की, ज़िन्दगी में पहली बार खुद पर मान महसूस हो रहा था जब किसी लड़की ने इतना मेरे लिए सोचा था। अगले दिन सुबह रविवार था। उसकी 7 बजे काल आई के आज शाम को घर आ जाओ, आपके लिए सरप्राइज़ गिफ्ट है।

मैंने जल्दी से घर ले सारे पेंडिंग काम खत्म किए और शाम को बाइक स्टार्ट की और उसके घर की तरफ निकल गया। रस्ते भर में सोचता जा रहा था ऐसा क्या सरप्राइज़ हो सकता है। वहां पहुंचकर उसने दरवाजा खोलकर मेरे अंदर आते ही उसने दरवाजा बन्द कर दिया और मेरे गले में अपनी बाँहो का हार डाल दिया और लिप किस करने लगी। जिसमे मैं उसका साथ देने लगा।

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